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क्रांतिकारी राष्ट्रवादी आंदोलन | Revolutionary Movement of India

 भारत में कांग्रेसी राष्ट्रवाद के समानांतर क्रन्तिकारी राष्ट्रवाद भी हुआ| 1922 ईसवी के बाद असहयोग आन्दोलन से उत्साहित युवकों ने क्रन्तिकारी गतिविधियों में भाग लेना शुरू कर दिया| जिसके फलस्वरूप भारत में क्रन्तिकारी राष्ट्रवादी आन्दोलन की शुरुआत हुई|

 

क्रांतिकारी राष्ट्रवादी आंदोलन

चंद्रशेखर आजाद की अध्यक्षता में हिंदुस्तानी रिपब्लिक एसोसिएशन की स्थापना कानपुर में हुई।

इस संस्था के सदस्यों ने लखनऊ के निकट काकोरी मैं सरकारी खजाने को ले जाती हुई रेलगाड़ी को लूटा|

काकोरी कांड के आरोप में रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां, रोशनलाल तथा राजेंद्र लहिरी को फांसी दी गई|

1928 ईसवी में चंद्रशेखर आजाद तथा भगत सिंह के नेतृत्व में हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन की स्थापना दिल्ली में की गई|

1928 ईसवी में साइमन कमीशन के विरोध में डाला लाजपत राय पर लाठी चार्ज करने वाले पुलिस अधिकारी सांडर्स की लाहौर में भगत सिंह, राजगुरु, तथा चंद्रशेखर आजाद ने हत्या कर दी|

8 अप्रैल 1929 ईसवी को अग्रसेन तथा बटुकेश्वर दत्त ने केंद्रीय असेंबली में बम फटा

27 फरवरी 1931 ईसवी को चंद्रशेखर आजाद इलाहाबाद के अल्फ्रेड पार्क में पुलिस मुठभेड़ में शहीद हो गए|

23 मार्च 1931 ईसवी को भगत सिंह सुखदेव और राजगुरु को लाहौर जेल में फांसी दी गई

 

अगस्त प्रस्ताव

8 अगस्त 1940 ईसवी को तत्कालीन वायसराय लोर्ड लिनलिथगो ने अगस्त प्रस्ताव की घोषणा की|

इस प्रस्ताव में युद्ध संबंधी विश्व पर विचार के लिए युद्ध परामर्श समिति के गठन का प्रस्ताव रखा गया|

 

पाकिस्तान की मांग

1930 ईसवी में मुसलमानों के लिए प्रथक राष्ट्र का सुझाव सबसे पहले प्रसिद्ध शायर इकबाल ने मुस्लिम लीग की इलाहाबाद अधिवेशन में दिया था|

पाकिस्तान नाम कैंब्रिज विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले रहमत अली ने दिया था|

23 मार्च 1940 ईसवी में मोहम्मद अली जिन्ना ने मुस्लिम लीग के लाहौर अधिवेशन में पाकिस्तान की मांग की|

 

क्रिप्स मिशन

1942 ईसवी को क्रिप्स मिशन भारत आया इस मिशन का उद्देश्य भारत को ब्रिटेन के पक्ष में द्वितीय विश्व युद्ध में शामिल करना था|

युद्ध के उपरांत भारत को डोमिनियन स्टेट देने की बात स्वीकार की गई|

 

भारत छोड़ो आंदोलन

अगस्त प्रस्ताव तथा क्रिप्स मिशन की असफलता के बाद भारत छोड़ो आंदोलन आरंभ किया गया|

8 अगस्त 1942 ईसवी में गांधी जी ने “करो या मरो” का नारा दिया |

गांधी जी को पुणे के आगा का महल में रखा गया |

मुस्लिम लीग ने भारत छोड़ो आंदोलन का समर्थन नहीं किया तथा तटस्थता बनाए रखी।

 

वेवेल योजना

4 जून 1945 ईसवी में वेदर योजना का प्रस्ताव रखा गया|

इस प्रस्ताव में वायसराय की कार्यकारिणी परिषद को पुनर्गठित किया गया तथा जिसमें सभी दलों को प्रतिनिधित्व देने की बात कही गई।

युद्ध के उपरांत भारत को स्वयं संविधान बनाने की जिम्मेदारी दी जानी थी|

 

शिमला सम्मेलन

25 जून 1945 ईसवी में विभिन्न प्रस्ताव पर विचार-विमर्श हेतु शिमला में सम्मेलन का आयोजन किया गया|

इसमें जिन्ना ने मांग रखी कि प्रस्तावित परिषद में मुस्लिम सदस्यों को नामित करने का अधिकार केवल मुस्लिम लीग को है|

शिमला वार्ता विफल हो गई कांग्रेस तथा ब्रिटिश सरकार दोनों से सहमत नहीं थे|

 

कैबिनेट मिशन

भारतीय संविधान सभा की स्थापना के लिए कैबिनेट मिशन भारत भेजा गया|

कैबिनेट मिशन दिल्ली पहुंचना किस के तीन सदस्य थे|

मुस्लिम लीग ने कैबिनेट मिशन योजना को स्वीकृति दी तथा प्रत्यक्ष कार्यवाही दिवस मनाया गया|

 

माउंटबेटन योजना

ब्रिटिश प्रधानमंत्री एटली 9 जून तक भारत को स्वतंत्र करने की घोषणा की|

लॉर्ड माउंटबेटन को भारत का वायसराय बनाया गया उसने भारत विभाजन पर संबंधी प्रस्ताव रखा जिसे माउंटबेटन प्लान कहा जाता है|

 

इन सभी आंदोलनों में क्रांतिकारियों ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया| इसके अलावा भारत में शांतिपूर्ण तरीके से राष्ट्रीय स्वतंत्रता आन्दोलन हुए जिनके बारे में संचिप्त में पढने के लिए यह लेख पढ़ें|



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